Bowling Attacker(बॉलिंग अटैकर) खेल

इस खेल का निर्माणकर्ता बिहार का उरांव आदिवासी अतुल राजा कुजूर(Atul Raja Kujur)। 1अक्टूबर को इस खेल को विधिवत रूप से सन् 2025 से इस खेल में इतना लोकप्रिय होने जा रहा हैं,जहां देखो वहां पर देखा जा रहा हैं। धीरे धीरे इस खेल का लोकप्रिय पूरे देश में अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंच चुका हैं जहां पर ओलंपिक में दर्जा मिले।

इस खेल का जन्मदाता भारत(India) हैं।

खेलने का नियम:-

                       इस खेल में जो भी खिलाड़ी जहां खड़ा हैं उस पर घेरा बना दिया जाता हैं। यदि कोई खिलाड़ी खेलते समय घेरा से बना लकीर से सट जाते हैं या फिर बाहर निकल जाता हैं, तो उसे आउट कर दिया जाता हैं और उसे दोबारा मारने का मौका नहीं मिलेगा और उसे उस खेल से निष्कासित करना पड़ेगा। जो भी खिलाड़ी प्लास्टिक गेंद से मारेगा उससे पहले उसे सीधा खड़ा हो बोतल को 10 बार में 10 बार गिराना होता हैं, तभी विजेता घोषित किया जाता हैं। जो खिलाड़ी जहां खड़ा है, वहीं से 10 से 15 फीट की दूरी पर बोतल रहेगा और उसे प्लास्टिक गेंद से मार के गिराना होगा। 

उदाहरण के तौर पर:- 

                          माना कि कोई खिलाड़ी 10 बार में 10 बार गिरा दिया उसे प्रथम पुरस्कार से नवाजा जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी 10 बार में 9 बार गिरा दिया तो उसे दूसरा पुरस्कार दिया जाएगा और जो भी खिलाड़ी 10 बार में 8 बार गिरा दिया तो उसे तीसरा पुरस्कार दिया जाएगा।

जय बंदगी               जय चाला आयो           जय आदिवासी 

                      

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